15 मिनट में बन सकते हैं दुनिया का सबसे खुशहाल इंसान

शॉपिंग कर ली, मूवी देख ली, दुनिया की सैर के लिए पैसे जमा कर लिए, अपनी पसंद के इंसान को अंगूठी पहना दी, फिर भी खुश नहीं हूं. क्या आपने भी कभी ऐसा कहा है! तो आप अकेले नहीं हैं. हमारे आसपास बहुत लोग हैं जो तमाम जतन के बावजूद खुश नहीं. हालांकि खुशी पाने का एक अचूक नुस्खा हमारे हाथ लगा है और इसके लिए आपको सिर्फ 15 मिनट खर्च करने होंगे.

15 मिनट तक खुशनुमा यादों को याद करना खुश रहने का अचूक मंत्र है. ये मानना है दुनिया के सबसे खुशहाल इंसान का. 69 वर्षीय मैथ्यू रिचर्ड जो कि एक बुद्धिस्ट मॉन्क हैं, को वैज्ञानिक दुनिया का सबसे खुशहाल इंसान मानते हैं. विसकॉन्सिन यूनिवर्सिटी के एक न्यूरोसाइंटिस्ट ने लगातार 12 साल तक रिचर्ड के मस्तिष्क का अध्ययन किया. 256 सेंसर उनके सिर से जोड़े गए. यह पूरी प्रक्रिया ही किसी को भी झुंझला सकने को काफी है लेकिन इसके विपरीत रिचर्ड का मस्तिष्क असामान्य रूप से प्रकाशित था. उन्होंने खुद को इसके लिए प्रशिक्षित किया था और प्रशिक्षण का उनका जरिया था ध्यान.

ध्यान से उनके दिमाग का प्रिफ्रंटल कॉर्टेक्स असामान्य रूप से सक्रिय हो गया जो कि किसी भी परिस्थिति में खुश रखता है और नकारात्मकता कम करता है. यूं तो रिचर्ड कभी-कभी पूरे दिन ही ध्यान में रह जाते हैं लेकिन उनका मानना है कि सिर्फ 15 मिनट की ट्रेनिंग से कोई भी इंसान सबसे खुशहाल बन सकता है. तो जानें, खुशियों का मंत्र.

मुझसे बाहर भी है संसार

सिर्फ अपने बारे में सोचना ऊब-भरी प्रक्रिया है और इससे तकलीफ ही होती है. हम सारी दुनिया पर अपनी खुशियां छीनने का आरोप लगा देते हैं. सबके साथ नेकदिल होने की कोशिश करें, इससे न केवल आपको, बल्कि दूसरों को भी खुशी मिलेगी. हालांकि परोपकार और फायदा उठाने देने के बीच के बारीक फर्क का भी ध्यान रखना होगा.

दिमाग को दें ट्रेनिंग
हर इंसान में अच्छा होने की अपार संभावनाएं हैं, यानी हर इंसान के पास खुश हो सकने के भी ढेरों मौके हैं. इसे पाने के लिए आपको अपने दिमाग को प्रशिक्षित करना होगा. प्रशिक्षण के कुछ तरीकों में से एक ध्यान करना भी है. मानसिक तैयारी से हम अपनी खुशी के स्तर को तेजी से बढ़ा सकते हैं. ठीक वैसे ही जैसे हम दौड़ते, तैरते या कोई और काम करते हैं.

ऐसे करें शुरुआत
हम सबसे पास बेहद खूबसूरत यादों का पिटारा होता है. इसे रोज 15 मिनट के लिए खोलें. शुरुआत में कई मुश्किलें आएंगी, दिमाग उदास यादों की तरफ छुट्टा दौड़ पड़ेगा लेकिन उसे कंट्रोल करें. सिर्फ और सिर्फ खुशनुमा यादों को याद करें. रोज 15 मिनट तक लगातार 2 सप्ताह तक ऐसा करने पर आप पाएंगे कि आप पहले से ज्यादा खुश रहने लगे हैं.

डॉ पुलकित शर्मा, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नई दिल्ली का कहना है कि जब भी हम अच्छी यादों को सोचते हैं, हमारे मस्तिष्क में कई तरह के सकारात्मक बदलाव होते हैं. इससे लोगों के बारे में सोचने का हमारा नजरिया बदल जाता है और हम खुश रहने लगते हैं. हालांकि दिमाग 10 से 20 मिनट लगातार सकारात्मक सोच सके, इसके लिए काफी प्रशिक्षण की जरूरत होती है. ध्यान एक अच्छा विकल्प है.

Source here:-  http://hindi.news18.com/news/lifestyle/achieve-happiness-in-life-in-just-15-minutes-1068528.html

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